नरेंद्र मोदी को उनके इंटरव्यू के प्रश्न और उत्तर पहले दिए जाने के मिले प्रमाण।

Spread the love
  • 792
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
    792
    Shares

भारत के चौथे स्तम्भ मीडिया शायद आज अपने सबसे ख़राब दौर से गुजर रहा है। जिसका सबसे ताजा उदाहरण प्रधानमंत्री का न्यूज़ नेशन को दिया का साक्षात्कार है। यह वही इंटरव्यू है जिसमे मोदी नेबादलो से रडार को रोकने, 1988 में ईमेल आईडी और डिजिटल कैमरा रखने जैसे अतार्किक बयांन दिए। विपक्षी दलों का हमेशा से ही उनपर ये आरोप रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी के इंटरव्यू में सवाल और जवाब पहले से तय होते हैं, उसके बाद उन्हें बस रिकॉर्ड किया जाता है। टीवी चैनल न्यूज़ नेशन में उनके इंटरव्यू के दौरान जो सच्चाई सामने आई है उससे विपक्ष का यह आरोप सही साबित होता है। टीवी चैनल न्यूज़ नेशन को दिए गए उनके इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी को पहले से ही सवाल और जवाब लिखकर दिए दिए जाने के साक्ष्य अब सामने आये है ।

प्रधानमंत्री मोदी के इस इंटरव्यू का विडियो भी ट्विटर पर काफी वायरल हो रहा है। इस विडियो में एक पेपर पर एक स्क्रिप्ट पहले से ही लिखी हुए दिखाई देती है, जिसपर सवाल और जवाब पहले से तय होते हैं। पत्रकार दीपक चौरसिया उसी में से सवाल को पूछते हैं और प्रधानमंत्री मोदी भी उसी में लिखे गए जवाब को सुना देते हैं।

Also Read: भारत में इंटरनेट सेवा 15 अगस्त 1995 को शुरू हुई थी। मोदी जी कह रहे हैं कि 87-88 में ईमेल से तस्वीर दिल्ली भेज दी।

विडियो में इंटरव्यू का 27वां प्रश्न एक पन्ने पर लिखा हुआ पाया गया है। इसमें लिखा है की “चलते-चलते मैं कवी नरेंद्र मोदी से जानना चाहता हूँ की क्या आपने पिछले पांच सालों में कुछ लिखा है?” हूबहू यही प्रश्न दीपक चौरसिया ने मोदी जी से पूछा जिसके बाद नरेंद्र मोदी ने अपनी फाइल मांगी और उसमे से उन्होंने कुछ पन्ने निकाले, जिसमे से एक पन्ने पर एक कविता छपी थी जिसके ठीक ऊपर हूबहू वही प्रश्न था जो की पूछा गया था। इससे यह स्पष्ट हो जाता है की नरेंद्र मोदी का इंटरव्यू वास्तव में बस एक फिल्म की शूटिंग की तरह था जिसकी पूरी पटकथा पहले से लिखी होती है ।

अपने पांच साल के कार्यकाल में प्रधानमंत्री मोदी ने एक भी प्रेस कॉन्फ़्रेंस नहीं किए हैं। हालांकि प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ इंटरव्यू जरूर दिए हैं, लेकिन उनमें पूछे गए सवालों के कारण वे लगातार निशाने पर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के साक्षात्कार में इस तरह के अजीबो गरीब सवाल पूछे गए हैं, “प्रधानमंत्री जी आप थकते क्यों नहीं हैं? कोई टॉनिक वॉनिक लेते हैं क्या?”, ”आप आम कैसे खाते हैं? चूस के या काट कर ?”, “आप में ये फकीरी बचपन से ही है या प्रधानमंत्री बनने के बाद आयी?”

मोदी सरकार के पांच साल के कार्यकाल में मीडिया की स्वतंत्रता को लेकर भी काफी उठ खड़े हुए हैं हाल ही में जारी वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में भारत 180 देशों में 140वें नंबर पर है।

कुछ अन्य ट्वीट्स-

यह भी पढ़े-

Facebook Reactions